‘कांग्रेस शुद्ध नास्तिक है’- महंत राजू दास, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बोला हमला

‘कांग्रेस शुद्ध नास्तिक है’- महंत राजू दास, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बोला हमला

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस पार्टी ने किनारा कर लिया है। बीते दिनों ऐसी खबर आ रही थी की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी ने राम मंदिर की ओर से प्राप्त निमंत्रण पत्र को आदर सहित अस्वीकार कर दिया है। जिसके बाद से विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर हमले कर रही है। इसी बीच हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कांग्रेस पार्टी को शुद्ध रूप से नास्तिक बता दिया है। महंत ने कहा की जो सनातन विद्रोही हो और रावण की विचारधारा को फॉलो करती हो वह पार्टी कैसे हो सकती है?

हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास का बयान

महंत राजू दास ने ANI को दिए बयान में कहा, “प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खड़गे साहब राम किसी पार्टी या दल के नहीं है। भगवान् श्री राम सबके हैं। हिन्दू आहत हुआ और हिन्दू इतना आहत हुआ की कुछ ऐसे जो रामभक्त थे उनकी पार्टी में उन्होंने इस्तीफा देना शुरू कर दिया। और जो उनके सुर में सुर मिलाने वाले थे उन्होंने विरोध करना शुरू किया। इसके डर की वजह से उन्होंने ऐसी भाषा का प्रयोग किया। नहीं तो इनके पास आस्था नहीं है बल्कि ये शुद्ध रूप से नास्तिक है।

और ये नास्तिक भी नहीं हैं बल्कि शुद्ध रूप से प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अध्यक्ष हैं। जो सिर्फ व्यापारिक तौर से अपने राजनितिक काम करते हैं। इसके पहले इन्होने ये भी बयान दिया था की मोदी मजबूत होगा तो सनातन मजबूत होगा। जो सनातन द्रोही हो और जो रावण के विचारों का अनुसरण करने वाला हो वो पार्टी धार्मिक कैसे हो सकती है? वो तो राम द्रोही हो सकती है।”

दरअसल बीत दिनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। जबकि उन्होंने आदर पूर्वक इस निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। इसके जवाब में उन्होंने कहा की राम को लेकर बीजेपी अपना एजेंडा चला रही है। राम हम सबके हैं और इसे राजनितिक मुद्दा ना बनाया जाए।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया जवाबी हमला

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के द्वारा राम मंदिर निमंत्रण अस्वीकार किये जाने पर विरोध जताया है। गिरिराज ने कहा की कांग्रेस की डीएनए में ही हिन्दू विरोधी परम्परा रही है। मीडिया को सम्बोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने बताया की राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को निमंत्रण भेजा गया। लेकिन वो नहीं आ रहे हैं क्योंकि वह हिन्दू विरोधी रहे हैं। और ये सिलसिला बरसों पुराना है।

गिरिराज ने आगे बताया की नेहरू जी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में तत्कालीन मुख्यमंत्री की क्लास ली थी। हमारे राजेंद्र बाबू जो राष्ट्रपति थे उनको भी मना किया। क्योंकि नेहरू खुद को बाई डिफ़ॉल्ट हिन्दू कहते थे और हिन्दू विरोधी परम्परा उनके डीएनए में है।

गौरतलब है की कांग्रेस इस राम मंदिर के मुद्दे को राजनितिक आयोजन करार कर चुकी है। कांग्रेस का कहना है की धार्मिक आयोजन को राजनितिक आयोजन बनाया जा रहा है और वह इसमें शामिल नहीं होंगे। इस आयोजन को राजनीती का नाम देने के बाद बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमलावर है। बीजेपी सांसद सह पूर्व उपमुख्यमंत्री बिहार, सुशिल मोदी ने भी बिना किसी का नाम लिए कह दिया है की जो लोग निमंत्रण मिलने के बाद भी इसका बहिष्कार कर रहे हैं उसका फैसला राम भक्त जनता करेगी।

कांग्रेस द्वारा निमन्त्र अस्वीकार करना बीजेपी के लिए फायदा होगा या मुसीबत ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। मौजूदा समय में पूरा देश राम मंदिर को लेकर उत्साहित है और इसके साथ ही विदेशों से भी इसके लिए शुभकामना सन्देश प्राप्त हो रही है। अब देखना है की ये राम मंदिर का मौक़ा बीजेपी के लिए आने वाले चुनाव में कितनी सहायक होगी?

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